अनंत काल सर्प दोष के असर, उपाय और निवारण
अनंत काल सर्प दोष के असर, उपाय और निवारण
कालसर्प दोष क्या होता है ?
अनंत कालसर्प दोष : आइये जानते है अनंत कालसर्प दोष के बारे में | सर्वप्रथम हम यह जानना चाहेंगे कि आखिर कालसर्प दोष क्या होता है और इससे जातक के जीवन में क्या प्रभाव हो सकता है ?
कालसर्प दोष जातक की जन्म कुंडली में एक दुर्भाग्यपूर्ण ज्योतिषीय स्थिति है | दुर्भाग्यपूर्ण से यह तात्पर्य है कि जातक तो अपने जीवन में सिर्फ इस दशा के होने पर कई ऐसे कष्टों का सामना करना पड़ता है जिससे जातक खुद को दुर्भाग्यशाली समझने लगता है | इस प्रकार की ज्योतिषीय स्थिति में जातक की कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच में आकर एक ऐसी परिस्थिति बनाते है, जिससे जातक के अथक प्रयास भी व्यर्थ जाते है और ये प्रयास उन्हें जीवन में सफलता प्रदान नहीं कर पाते |
इस दोष से कई नकारात्मक प्रभाव होते है लेकिन मुख्यतः इस दोष का प्रभाव जातक के शरीर, मनदशा, वैवाहिक जीवन एवं धन पर पड़ता है | जातक कभी आर्थिक तंगी से गुजरता है तो कभी शारीरिक रूप से परेशान रहता है | जातक को न ही नौकरी पेशे में सफलता मिलती है और न ही वह व्यापार में लाभ कमा पाता है |
कुंडली में कैसे दिखता है कालसर्प दोष ?
यदि कोई जातक यह जानना चाहता है कि ऐसे कौन सी स्थिति बनती है जब कालसर्प दोष उसकी कुंडली में परिलक्षित होता है तो जातक अपनी कुंडली में किसी ज्योतिष के मदद से यह देख पायेगा कि जब सूर्य मंडल के सातों गृह उसकी कुंडली में राहु एवं केतु के बीच में आ जाते है और आधी कुंडली ग्रह रहित होती है और उसकी उनकी कुंडली में इस दशा को ही कालसर्प दोष कहते है | इसे हम पूर्ण कालसर्प दोष भी कह सकते है किन्तु यदि एक भी ग्रह राहु केतु अक्ष रेखा के बाहर होता है तब जातक के कुन्डली में पूर्ण कालसर्प दोष नहीं होता है|
ग्रहों के स्थिति के अनुसार कालसर्प दोष कुल १२ प्रकार का हो सकता है और हर दोष का प्रभाव जातक के जीवन में भिन्न भिन्न होता है | कोई स्थिति जीवन साथी के लिए बुरी हो सकती है तो कोई धन-धान्य के लिए |
आइये जानते है इन बारह प्रकारों में से अनंत कालसर्प दोष के बारे में |
अनंत कालसर्प दोष
जब जातक की जन्म कुंडली में राहु लग्न में हो तथा केतु सप्तम घर में उपस्थित हो एवं बाकी सारे ग्रह राहु और केतु के बीच में हों तो कुंडली में, अनंत कालसर्प दोष होता है। इस ज्योतिषीय दशा को विपरीत कालसर्प दोष भी कहा जाता है |
अनंत कालसर्प दोष के असर
इस तरह के जातकों को स्वास्थ्य सम्बन्धी विकार घेरे रहते है | ये विकार कभी कभी चिंताजनक बीमारियों का रूप भी लेते है |
इन जातकों को नौकरी पेशे तथा पारिवारिक जीवन में भी परेशानियां आती है |
इन जातको को आर्थिक तौर से भी नुक्सान हो सकता है | इन जातकों को शेयर , लोटरी, सूद में बड़ी दिलचस्पी होती है पर ये इनमें फायदे की बजाय नुकसान उठाते है |
अनंत कालसर्प दोष के उपाय
आइये अब जानते है इस दोष के लिए हिन्दू ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार क्या उपाय है ? ये उपाय जातक अपने ज्योतिष की राय से अपना सकते है और दोष के दुष्प्रभावों से बच सकते है |
- पंचाक्षरी मंत्र का मंत्रोंचारण
- विशेष दिनों पर व्रत
- पीपल के पेड़ की पूजा
- भगवान शिव की आराधना
- नाग देवता की पूजा
- महामृत्युंजय मंत्र जाप
अनंत कालसर्प दोष के जातक क्या न करें
- जातक किसी भी नशे जैसे बीड़ी, सिगरेट, मदिरा आदि का सेवन न करें |
- कोई भी पुरानी वस्तु ये जातक न खरीदें |
- व्यापार में आप पार्टनरशिप बहुत सोच समझ कर ही करें |
- आप कोशिश करें की आप उजले रंग की कपडे ही पहने |
अनंत कालसर्प दोष का निवारण
अनंत कालसर्प दोष का समाधान और अचूक निवारण किसी प्रसिद्ध शिव मंदिर में काल सर्प पूजा करवाना है | हमारे विद्वान पुरोहित-पंडित इस पूजा के लिए सिद्ध मंदिर त्र्यंबकेश्वर का सुझाव देते है | यह दिव्य मंदिर नासिक के समीप स्थित त्र्यंबकेश्वर नामक कस्बे में है | आप अपनी सुविधानुसार कोई शुभ मुहूर्त निकलवाकर इस मंदिर में पूजा अर्चना हेतु पहुंच सकते है किन्तु इस कार्य में विलम्ब करना जातक के लिए स्वयं में कष्टकर हो सकता है |
अब जातकों के मन में यह प्रश्न उठता है कि इस पूजा के लिए विस्तार में जानकारी कहा से प्राप्त करें | आज इस आधुनिक युग में यह कार्य बड़ा ही आसान है, आप अभी इस पूजा के महाज्ञाता पंडित जी को अपनी कुंडली भेजकर,अपनी कुंडली के अनुसार पूजा के बारे में जानकारी निशुल्क पा सकते है |